दैनिक जागरण से साभार -
Jun 12, 08:15 pm
गाजियाबाद,जागरण संवाद केंद्र :
आसमां में एकाएक काले बादलों का घिर आना, बेमौसम की बारिश और खात्मे की ओर जा रहे जीव जंतु, पर्यावरण पर अपनी कूची के जरिए कुछ ऐसी ही चिंता जताई चित्रकार एवं दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय गोरखपुर के प्रोफेसर मनोज कुमार ने।
एमएमएच कालेज में विद्यार्थियों को कला से रुबरु करान आए प्रोफेसर मनोज सिंह ने अपनी कूची एवं रंगों के माध्यम से कैनवास पर मानव और प्रकृति के बीच बढ़ रही दूरी का कुछ ऐसा ही चित्रण किया। पर्यावरण के तमाम आयामों को उन्होंने कैनवास पर उकेर विद्यार्थियों से कलाकृति के प्रति उनकी नजरिया भी जाना। कूची के जादूगर एवं कला के सम्राट मकबूल फिदा हुसैन को उन्होंने कलाकृति बनाकर भावभीनी श्रद्धाजंलि भी दी। उन्होंने कहा कि हुसैन कला जगत में एक हस्ताक्षर की तरह थे। उनकी कमी कोई पूरी नहीं कर सकता। मनोज कुमार ने महज एक घ्ाटे में दोनों हाथों में कूची को थाम एक खूबसूरत कलाकृति को उकेरा। अनेक पुरस्कारों से सम्मानित मनोज अंगूठे से भी कैनवास पर कलाकृति बनाते हैं। जयंती जनता नामक रेलगाड़ी के हर डिब्बे को उन्होंने अपनी कला से डिजाइन किया जिसके लिए वह नवाजें भी जा चुके हैं। वहीं गोरखपुर विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय बनाने की मांग को लेकर उन्होंने बारह घंटे तक लगातार खड़े होकर तेरह पेंटिंग्स भी बनाई है।
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